संवाददाता “आरती पांडे” की रिपोर्ट..
केदारनाथ धाम– वैसे तो धामों की शुरुआत 22 अप्रैल से उत्तराखंड में होने वाली है. एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसमें केदारनाथ और हेमकुंड साहिब पर तीर्थ यात्रियों को ले जाने वाले घोड़े और खच्चरों का मेडिकल करवाना जरूरी कर दिया गया है. जी हां, बता दें पशु स्वामी को प्रशासन के सम्मुख यह रिपोर्ट देनी होगी कि उनका जानवर स्वास्थ्य है और उसे मुंह पका खुरपका रोग यानी ग्लैंडर्स रोग नहीं है. वही आपको बता दें कि पिछले साल हेमकुंड साहिब रूट पर 24 और केदारनाथ मार्ग पर 340 घोड़े खच्चरों की मौत हो गई थी. जिसमें कुछ जानवरों को ग्लैंडर्स रोग भी सम्मिलित था. जिसे एक खतरनाक वायरस माना जाता है और इससे इंसानी जिंदगी को भी खतरा बना रहता है.
बताया जा रहा है, इसी वायरस के चलते अब घोड़े खच्चरों की मेडिकल जांच जरूरी कर दी गई है. इस पर उत्तराखंड के पशुधन मंत्री सौरभ बहुगुणा का कहना है कि वह घोड़े खच्चरों की मेडिकल जांच के लिए एक टीम भी तैयार कर रहे हैं. उन्होंने केदारनाथ के पशु चिकित्सालय अधिकारी डॉ प्रलयंकरनाथ को कैंप लगाकर मेडिकल प्रशिक्षण शुरू कराने को कहा है. केदारनाथ में 8600 और हेमकुंड यात्रा मार्ग पर 1200 के करीब घोड़े खच्चर है जिनका मेडिकल किया जाएगा।
