चमोली – एक तरफ “उत्तराखंड बेरोजगार युवा संघ” प्रदर्शन कर प्रदर्शन के मुख्य लीडर बॉबी पवार को रिहा करने की गुहार लगा रहे हैं…. तो वहीं अब नया कानून लागू हो चुका है. जिसका नाम है “नकल विरोधी कानून” जिसे बिल्कुल भी हल्के में ना लें…. क्योंकि यदि किसी भी सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाई जाएंगी, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जी हां, अभी हाल फिलहाल में ही एक मामला उत्तरकाशी से सामने आ रहा है जहां पर पटवारी परीक्षा का पेपर लीक होने की अफवाह फैलाने के मामले में अरुण कुमार के नाम के युवक व अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हो गया है. यदि कोई भी इस तरीके की गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.
क्या है “नकल विरोधी कानून”
इस अध्यादेश में दोषियों के लिए जुर्माने से लेकर सजा तक के सख्त प्रावधान है। इस कानून के तहत आजीवन कारावास तक की सजा के अलावा दस करोड़ रुपये तक के जुर्माने के सख्त प्रावधान किए गए हैं। परीक्षार्थी प्रतियोगी परीक्षा में स्वयं नकल करते हुए या अन्य परीक्षार्थी को नकल कराते हुए अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए तीन वर्ष के कारावास व न्यूनतम पांच लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
