केदारनाथ धाम – इस समय उत्तराखंड में देश-विदेश से भारी संख्या में तीर्थ यात्रियों का आना उत्तराखंड में चल रहा है. वह दिल्ली-एनसीआर, यूपी सहित देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड में धामों की यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं. वही आपको बता दें कि उत्तराखंड में सभी धाम खोल दिए गए हैं. जिसमें 27 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलना शामिल है. इसीलिए बड़ी खबर सामने आ रही है और यह खबर है घड़ियालधार के घंटाकर्ण देवता की… जी हां, यह देवता 43 वर्षों के बाद केदारनाथ भगवान के दर्शन करेंगे. चलिए जानते हैं पूरी खबर—
बता दे, टिहरी गढ़वाल के लोस्तु घंडियालधार के घंटाकर्ण देवता गुरूवार को 43 वर्षो बाद केदारनाथ भगवान के दर्शन कर पूजा अर्चना करेंगे। बुधवार को रात्रि प्रवास के लिए घंटाकर्ण की डोली एवं देव निशान केदारनाथ बेस बेस कैंप पहुंचे। तीस अप्रैल को अपने मूल मंदिर में पहुंचकर देव यात्रा का समापन होगा। घंटाकर्ण मन्दिर समिति के तत्वाधान में चल रही घंडियाल देवता की यात्रा के तहत गत सोमवार को देवथान देवगढी में एकत्रित होकर पूजा पाठ के पश्चात देव निशान के साथ घंटाकर्ण देवताक की यात्रा पैदल मार्ग से धुरेट, तल्ली रिगोली, फेतकंडा होते हुए रात्रि प्रवास के लिए मल्ली रिगोली पहुंची थी। 25 अप्रैल सड़क मार्ग से तेगड, सौराखाल होते हुए सूर्यप्रयाग तिलवाडा पहुंची।
जहां देव डोली एवं भक्तों ने सूर्यप्रयाग में स्नान किया। 27 अप्रैल को सुबह 5 बजे बेस कैंप से केदारधाम के दर्शनों केगौरीकुंड के लिए प्रस्थान करेगी। 28 अप्रैल त्रियुगीनारायण की पूजा अर्चना के बाद यात्रा अगले पड़ाव चिरबिटिया, 29 अप्रैल को यात्रा घण्डियालधार रात्रि पड़ाव के लिए पहुंचेगी। 30 अप्रैल को घण्डियालधार से यात्रा देवथान देवगढी पहुंचेगी।
