देहरादून – मंगलवार का दिन बहुत ही ज्यादा खास साबित से सिद्ध हुआ …क्योंकि इस दिन मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु ने एक के बाद एक बैठक का आयोजन किया. जी हां, उन्होंने बैठक के दौरान वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वनाग्नि संकट प्रबंधन पर तुरंत अलर्ट रिस्पांस कर दिया जाए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित कर दी जाए. इस दौरान बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, हैड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स श्री विनोद कुमार सिंघल, सचिव श्री रविनाथ रमन, श्री एस.ए. मुरूगेशन सहित अन्य सम्बन्धित उच्चाधिकारी उपस्थित थे। चलिए जानते हैं कि किन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई——
मुख्य सचिव ने कहा कि वनों में लगने वाली आग की रोकथाम के लिए तकनीकी प्रबंधन और व्यवहारिक दृष्टि से हर पहलू को देखते हुए प्लान बनाते हुए कार्य करने के निर्देश हैं. उन्होंने आधुनिक, तकनीकी और इनोवेटिव तौर-तरीकों पर फोकस करने की बात कही है. उन्होंने यह निर्देश दिए हैं कि सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं त्वरित एक्शन के लिए तकनीक का बेहतर उपयोग करते हुए पोर्टल और मोबाइल एप बेस्ड सिस्टम तैयार कीजिए. आग लगने की स्थिति में त्वरित सूचना सटीक डाटा सर्वे और सटीक रिस्पांस से आग से वनों को बचाया जा सकता है, तथा पेड़ों की अन्य पत्तियों सूखी लकड़ियों इत्यादि बायोमास का बेहतर उपयोग पर अधिक से अधिक फोकस करते हुए इस संबंध में सर प्लान बनाने तथा उन पर अमल करने के निर्देश दिए हैं.
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को जंगल से गुजरने वाली ट्रांसमिशन (विद्युत) लाइनों से आग लगने को रोकने के लिये स्थायी और बेहतर प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने लोगों को जंगल की आग के संबंध में संवेदनशील बनाने तथा अग्नि सुरक्षा में उनकी भी सहभागिता बढ़ाने के साथ ही एन्फोर्समेंट की कार्यवाही तेज करने की बात कही। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों से आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
