चमोली – उत्तराखंड के जोशीमठ में लगातार भूधंसाव की स्थिति बनी हुई है. जिसके चलते अब एक बार फिर से होटलों में दरारें पड़ने शुरू हो गई हैं. बता दें, इससे पहले जो होटल एक दूसरे की तरफ झुके हुए थे, वह होटल माउंट व्यू और मलारी होटल थी पर अब फिर से एक नए होटल ने प्रशासन की तकलीफें बढ़ा दी हैं. इस होटल का नाम है ” स्नो क्रिस्ट” और “कॉमेट लॉज” यह दोनों होटल 24 घंटे के अंदर एक दूसरे की तरफ झुक गए हैं. और इनके दरारों पर भी अधिक गहराई दर्ज की जा चुकी है. खतरे वाली बात यह है कि यह दोनों होटल बदरीनाथ हाईवे पर स्थित है… और कभी भी गिर सकते हैं… वही बताया जा रहा है कि होटलों को दरारों को देखने के बाद खाली कर दिया गया है.
जोशीमठ में कितने परिवारों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान पर
बता दें, कि जोशीमठ नगर क्षेत्र के नौ वार्डों में 826 भवन भू-धंसाव से प्रभावित हुए है। इसमें से 165 भवन ऐसे हैं, जिनको असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से अब तक 233 परिवारों के 798 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। नगर पालिका क्षेत्र जोशीमठ के बाहर पीपलकोटी में अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 20 भवनों के 491 कमरों को चयनित किया गया है। आपदा प्रभावित 336 प्रभावितों को जिला प्रशासन की ओर से अब तक 249.27 लाख रुपये की धनराशि बांटी जा चुकी है। हर परिवार को 1.5 लाख रुपये की त्वरित सहायता दी जा रही है।
