देहरादून – उत्तराखंड में औषधीय भांग की खेती के लिए कुछ प्रावधान तैयार किए जा रहे हैं. जिससे रोजगार के अवसर की भी एक नई पहल सामने आएगी. बता दें, इसके लिए धामी सरकार नई पॉलिसी तैयार कर रही है. जल्द ही इस पॉलिसी को अंतिम रूप देकर स्वीकृति भी प्रदान की जाएगी.
बताया जा रहा है, मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने भी अधिकारियों को इसके मद्देनजर जल्द पॉलिसी तैयार करने और कैबिनेट में रखने के निर्देश दिए हैं. जी हां, भांग के रेशे जिसे हम फाइबर कहते हैं. इसका उपयोग टेक्सटाइल, कागज, फर्नीचर समेत अन्य उद्योगों में इस्तेमाल किया जाता है. यही नहीं इसका इस्तेमाल कैंसर, ग्लूकोमा, मधुमेह जैसी क्रॉनिक बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है. यह भांग दवाइयों का निर्माण करती है, हालांकि आगामी कैबिनेट में इस पॉलिसी को नहीं लाया जा सकेगा, लेकिन उसके बाद अगली कैबिनेट मीटिंग में इस पॉलिसी को रखने का खाता तैयार भी किया जा रहा है.
