फर्रुखाबाद : जिला जेल में डेंगू से पीड़ित कैदी की अस्पताल में मौत पर भड़के बंदियों ने जिला जेल में भारी उपद्रव मचाया जिसमे डिप्टी जेलर शैलेशकुमार सोनकर पर पथराव किया और अस्पताल व बैरकों में भी आग लगा दी। जानकारी के अनुसार हमले में क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमृतपुर अजेय शर्मा समेत अलगभग 30 पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। 20 कैदी भी जख्मी हैं, घायलों को अस्पताल भेजा गया है। वहीँ एक कैदी शिवम की मौत हो गई।
सूचना पर सीओ सिटी प्रदीप सिंह व फतेहगढ़ कोतवाल जयप्रकाश पाल कुछ सिपाहियों के साथ वहां पहुंचे। करीब 30 मिनट से लगातार अलार्म बजता रहा है।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने स्थिति नियंत्रण के लिए फायरिंग की है। बंदियों का आरोप है कि संदीप को समय से इलाज नहीं मिला। इसलिए उसकी मौत हो गई। दिवाली के दिन सही भोजन न दिए जाने का भी बंदियों ने आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दिवाली पर अहाते न खोले जाने से बंदी आसपास में मिल भी नहीं सके थे।
बन्दी शिवम के शव की देर रात तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। वीडियोग्राफी भी की गई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अभी बाहर नहीं निकले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि हुई है। एक बुलेट फंसा मिला है। आर्थिक मदद और मुकदमा दर्ज कराए जाने के आस्वासन पर परिजन शव लेकर रात 3 बजे घर चले गए।
“जिला कारागार फतेहगढ़ के बंदी संदीप यादव की सैफई पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बंदी की मौत की सूचना मिलते ही जेल में हड़कंप मच गया। बंदियों ने जेल में पथराव और आगजनी कर दी। जेल पुलिस ने समय रहते नियंत्रण प्राप्त कर लिया।” – प्रमोद शुक्ला, वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार, फतेहगढ़
“जेल में हुए घटनाक्रम की कमेटी बनाकर जांच कराई जायगी। जांच में जो दोषी होगा उस पर कार्यवाई की जाएगी। जेल में अब स्थिति सामान्य है।” – संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी, फर्रुखाबाद
