देहरादून – 30 दिसंबर 2022 को रुड़की में ऋषभ पंत क्रिकेटर का एक्सीडेंट हो गया था. जिसकी वजह रास्तों पर गड्ढों का होना बताई गई थी. परंतु जब उत्तराखंड सरकार ने “जॉइंट रोड सेफ्टी ऑडिट” से इसकी पूर्णता जांच करने के आदेश दिए, तो उस रिपोर्ट में हैरान कर देने वाली बात सामने आई है. जिसकी असल वजह रास्तों में गड्ढों का होना नहीं बल्कि कुछ और है. आइए जानते हैं—-
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जगह पर ऋषभ पंत की कार का एक्सीडेंट हुआ है. वहां पर दरअसल कोई “ब्लैक स्पॉट” नहीं पाया गया है. यही जांच में चौका देने वाली बात है, जिसकी वजह से नारसन से हरिद्वार के शांतिकुंज तक 59 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बीते 1 वर्ष में 100 से भी अधिक दुर्घटनाएं घट चुकी है. जिसका मुख्य कारण ब्लैक स्पॉट माना जा रहा है. वही ऋषभ पंत का कहना यह है कि उनकी आंखों के सामने अचानक से काला अंधेरा आ गया था. जिस वजह से उनका एक्सीडेंट हुआ लेकिन असल वजह तो ब्लैक स्पॉट है.
क्या होते हैं रास्तों के ब्लैक स्पॉट
भारत में हर साल सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में कुछ लोगों की मौत हो जाती है। तो कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। कुछ हादसों में दूसरे वाहन से टक्कर होती है तो कहीं पर ड्राइवर को समझ ही नहीं आता और हादसा हो जाता है। ऐसी जगहों को ब्लैक स्पॉट कहा जाता है।
