संवाददाता “आरती पांडे”
चमोली – हाय! हाय! चमोली की अब यही पुकार है…. क्या यह वही जोशीमठ है. जहां पहले लोग बड़ी ही सुकून के साथ रहा करते थे. बड़े ही आलीशान तरीके से यह अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व प्रख्यात था. क्या वह असल में वही जोशीमठ है, जो हम पहले देखा करते थे. आखिर ऐसा क्या हुआ जो यह प्राकृतिक आपदा आ गई और जमीन धंसने शुरू हो गई . आज स्थिति ऐसी है कि हर किसी के घर की बस यही पुकार है कि लौटा दो हमें हमारा वह घर जिसमें हमारी जमा पूंजी सब लगी हुई है.
भले ही आज सरकार लोगों को ट्रांसफर कर दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कर रही है, परंतु उनकी जो आपसी समस्या है… उसका कोई समाधान नहीं है… लोगों को एक छोटी सी दरार होने पर भी उनके घरों के बाहर “रेड क्रॉस साइन” लगा दिए जा रहे हैं. उन्हें तुरंत वहां से हटवाने के सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए. अब सरकार तो अपना काम कर रही है, लेकिन सरकार यह नहीं देख रही है कि वह पूरा परिवार जिनके पास अपनी गाय-भैंस है वह पूरा का पूरा सामान लेकर कैसे छोटी सी जगह में रह सकता है. यह कैसे अपना जीवन वहां पर व्यतीत कर सकता है. हर एक परिवार की बात हो रही है यहां पर हर एक परिवार KI……….
बता दें, कि इस बीच एक ऐसा वीडियो काफी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें खुद महिलाएं रो रही हैं और उनके पीठों पर सिलेंडर है… वह एक दूसरे को छोड़ते वक्त धुआंधार होकर रो रही हैं. आप वीडियो को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं—-
उधर बीते दिन जोशीमठ में होटल माउंट व्यू और मलारी इन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू हो गई, जो कि शुक्रवार को भी जारी है। सीबीआरआई की देखरेख में अगले एक सप्ताह में दोनों होटलों को जमींदोज कर दिया जाएगा। आज विशेष कैबिनेट बैठक में जोशीमठ के भविष्य को लेकर रोडमैप भी जारी किया गया। सरकार की कवायद नई टिहरी की तर्ज पर नया जोशीमठ बसाने की है। नया जोशीमठ बसाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सरकारी भूमि को खंगाला जा रहा है। इस काम में राजस्व से लेकर पालिका और ब्लॉक अफसर, कर्मियों को लगाया गया है। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए दिए जाने वाले डेढ़ लाख रुपये के लिए 45 करोड़ रुपये जारी करने पर मुहर लगाई गई है। 6 महीने तक बिजली-पानी बिल माफ कर दिया गया है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को दिया जाने वाला किराया भी बढ़ाया गया है।
