संवाददाता “आरती पांडे” की रिपोर्ट…
नैनीताल – एक तरफ जोशीमठ में हालात बद से बदतर होते नजर आ रहे हैं, तो वहीं अब दूसरी तरफ नैनीताल भी खतरे की जद में आता हुआ दिख रहा है. जी हां, बता दें, नैनीताल का वह इलाका जो बलियानाले के पास आता है. यहां पर कटाव लगातार होता जा रहा है. जिससे मकानों का धराशाई होने का खतरा पल-पल यहां पर बनता हुआ दिख रहा है. जिसमें बलियानाले में रहने वाले लोगों के मन में पल-पल यह डर सताता रहता है, कि कहीं उनका यह घर धराशाही ना हो जाए……
वहीं अगर बात करें, हाईकोर्ट के आदेश की तो सरकार को भी हाई कोर्ट ने बड़े आदेश ट्रीटमेंट के लिए दिए हैं. कोरोना के दौरान जापानी कंपनी काम छोड़कर जहां से चली गई, तो पुणे की कंपनी जेन्स-टू 200 करोड़ की डीपीआर सरकार को दी. सरकार ने भी इसको महीने भर पहले पैसा स्वीकृत कर लिया. वही जोशीमठ में तो हालात बुरे से बुरे नजर आ रहे हैं. यहां दिन प्रतिदिन सड़कों और मकानों की बीच की दरारें बढ़ती हुई नजर आ रही है…. और यही स्थिति अब नैनीताल में भी होती हुई नजर आ रही है. बस फर्क सिर्फ इतना है कि यहां घर अभी धराशाही नहीं हुए हैं और वहां घर धराशाही हो रहे हैं.
