पिथौरागढ़ – आजकल के बच्चे बड़े ही चालाक हो गए हैं, क्योंकि वह कुछ करने की जगह कुछ और कर रहे है. जी हां, हम ऐसा क्यों कर रहे हैं क्योंकि डिग्री कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने कुछ ऐसा ही कर दिया है. जिसकी वजह से आज उन्हें अपना वेरिफिकेशन कराने में दिक्कत आ रही है. बता दे सरकार की ओर से उन्हें ₹12000 धनराशि दी गई थी, जो कि टेबलेट खरीदने के लिए दी थी. परंतु उनमें से कई ऐसे छात्र-छात्रा इंटेलिजेंट बन गए जिन्होंने उस धनराशि से टेबलेट ना खरीद कर कुछ अन्य ही सामग्री खरीद ली. और अब वेरिफिकेशन के समय में अपना सर पकड़ कर बैठ रहे हैं.
जानकारी के लिए बता दें, वर्ष 2021 में सरकार ने डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं के लिए फ्री टेबलेट योजना शुरू की थी. जिसके तहत सरकार ने प्रत्येक छात्र के लिए ₹12000 धनराशि दी थी और इस धनराशि का उन छात्रों ने सही उपयोग नहीं किया. जिस वजह से आज उन्हें वेरिफिकेशन करवाने में दिक्कत हो रही है.
वेरिफिकेशन में दिक्कत होने की असल वजह क्या है – दरअसल, अब जब महाविद्यालय प्रशासन टैबलेट दिखाकर वेरिफिकेशन करने को कह रहा है तो छात्र-छात्राओं के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। जिस दुकान से छात्र ने टेबलेट खरीदा है उसका बिल के साथ टेबलेट की एक फोटो भी अपलोड करने को कहा जा रहा है. परंतु जिन छात्रों ने टेबलेट नहीं खरीदा है उन्हें यह दिक्कतें हो रही है. जिसमें अभी तक 5000 से अधिक छात्राओं के वेरिफिकेशन नहीं होना शामिल है.
