उत्तराखंड – शुक्रवार को योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ से 100 युवाओं ने संन्यास की दीक्षा ली. जिस पर बाबा रामदेव का कहना है कि आज से ठीक 1995 में मैंने भी जब सन्यास की घोषणा ली थी, तो ऐसे ही कार्यक्रम में उनकी मां भी मौजूद थी. दरअसल, आज जो कार्यक्रम हुआ था. उसमें सभी युवाओं की मां भी सम्मिलित थी, जो कि अपने बच्चों को योग पीठ पर संन्यास लेने की दीक्षा में मौजूद थी. वहीं उनकी आंखे नम भी थी.
बताते चलें, रामदेव बाबा ने कहा कि जब 1995 में मैंने सन्यास लिया था, तो मेरी माता की आंखें भी नम हो गई थी और वह तो मेरी दीक्षा लेने के दौरान ही बेहोश हो गई थी. आज मुझे वह दिन स्मरण हो रहा है और उन्होंने कहा कि मेरी सभी युवाओं के लिए शुभकामनाएं हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि इससे दुनिया भर में सनातन धर्म के प्रचार प्रसार बढ़ता रहेगा और भारत में विश्व गुरु बनने में यह युवा अपना एक महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे. वही आपको बता दे, सन्यास दीक्षा समारोह का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें ब्रह्मचारी जीवन का पालन करने के लिए युवाओं का जिक्र किया गया था. और उन्हीं युवाओं में से 100 युवाओं ने संन्यास की दीक्षा ली है.
